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CBI के छापे से भड़कीं ममता, कहा- इमरजेंसी से बुरे हालात


नई दिल्ली: कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अफसरों को हिरासत में ले लिया है। सीबीआई शारदा चिट फंड मामले की जांच को लेकर पश्चिम बंगाल में यहां कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचे थे। रविवार शाम को उन्हें घर के बाहर ही रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर के घर पहुंच कर बैठक की और इसके बाद इसे मोदी सरकार की साजिश बताया। ममता ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों के पास जरूरी वारंट नहीं था इसलिए उन्हें रोक दिया गया।

सीबीआई, कमिश्नर से रोज वैली और शारदा पोंजी घोटाले से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए पहुंचे थे। पश्चिम बंगाल में एसआईटी टीम की अध्यक्षता कर रहे आईपीएस अफसर से गुम हुए दस्तावेजों और फाइलों को लेकर पूछताछ की जानी थी। इससे पहले इस बारे में नोटिस भी जारी किया गया था जिसका एजेंसी को कोई जवाब नहीं मिला था।

मोदी सरकार के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यंमत्री ममता बनर्जी ने मेट्रो सिनेमा के बाहर धरना देने का ऐलान किया है। ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के खिलाफ मोदी सरकार और अमित शाह सियासी साजिश रच रहे हैं और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की भी भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘भगवा पार्टी पुलिस और अन्य संस्थानों को नियंत्रण में लेने के लिये सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही है।’ बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘भाजपा नेतृत्व का शीर्ष स्तर राजनीतिक बदले की ओछी भावना से काम कर रहा है। न सिर्फ राजनीतिक दल उनके निशाने पर हैं बल्कि पुलिस को नियंत्रण में लेने और संस्थानों को बर्बाद करने के लिये वे सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं।’

कमिश्नर के घर पर बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सीबीआई को कमिश्नर के घर भेजना एक सियासी साजिश है और मोदी सरकार पश्चिम बंगाल को नष्ट करना चाहती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक के बाद कमिश्रर आवास से बाहर आईं। उन्होंने मीडिया के सामने बयान देते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

रिपोर्ट के मुताबिक सीएम ममता बनर्जी और डीजीपी के अलावा कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम भी आवास पर पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कमिश्नर के घर जारी बैठक के बाद सीएम ममता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि इन घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की अगुवाई कर चुके आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है।

उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम जब कुमार के आवास पर पहुंची तो उसे वहां तैनात कर्मियों एवं संतरियों ने बाहर ही रोक दिया। कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी दस्तावेज थे।

पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले दिनों कोलकाता आए चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था।

 

साभार : टाइम्स नाउ


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