The Political India
इलेक्शन प्रादेशिक राष्ट्रीय विशेष

मोदी के किसान कार्ड की काट के लिए राहुल की UBI पर एकजुट हो सकता है विपक्ष


आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए देश में क्षेत्रीय दलों का गठबंधन मोदी सरकार के इकोनॉमिक मास्टर प्लान का काट निकालने की तैयारी में जुटा है. इस गठबंधन के एक नेता का दावा है कि विपक्षी दल एकजुट होकर एक संयुक्त आर्थिक योजना तैयार कर रहे हैं. यह साफ संकेत है कि आगामी चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध में पूरा विपक्ष एकजुट होने की तैयारी में है.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने रॉयटर को दिए इंटरव्यू में कहा कि विपक्ष की योजना में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम आय कार्यक्रम को शामिल किए जाने की संभावना है. गौरतलब है कि क्षेत्रीय दलों के इस गठबंधन के साझा कार्यक्रम को तैयार करने में नायडू की अहम भूमिका है.

पिछले महीने कोलकाता में इस गठबंधन के मंच पर 23 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने शिरकत की. नायडू ने कहा कि अब गठबंधन की कवायद गरीबी उन्मूलन, कृषि, रोजगार और प्रत्येक परिवार को न्यूनतम आय कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है.

चंद्रबाबू नायडू ने कहा ‘कई राजनीतिक दल सहमति बनाने पर काम कर रहे हैं. किसानों की समस्या बेहद गंभीर मुद्दा है और बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है. लिहाजा, अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.’

पिछले महीने आए इंडिया टुडे पोल के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रेटिंग व्यापक बेरोजगारी और कमजोर कृषि अर्थव्यवस्था के चलते अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है. पोल में यह भी कहा गया कि आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन बहुमत से पीछे रह जाएगी जिसके चलते क्षेत्रीय दलों का गठबंधन सत्ता में आ सकता है.

हालांकि विपक्षी दलों में नेतृत्व को लेकर कोई सहमति नहीं है और क्या चुनाव परिणामों के बाद वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संख्या के आधार पर अपना नेता चुन सकते हैं, इस सवाल पर सब ने चुप्पी साध रखी है. प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के सवाल पर नायडू ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री का चयन नतीजों के बाद आम सहमति से किया जाएगा क्योंकि गठबंधन की पहली प्राथमिकता चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने की है.’

गौरतलब है कि नायडू ने बतौर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य में कारोबारी सुगमता के क्षेत्र में अच्छा काम करते हुए माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी को राज्य में निवेश के लिए तैयार किया था. नायडू की टीडीपी संसद में बड़े क्षेत्रीय दलों में शुमार है और मार्च 2018 तक वह सत्तारूढ़ एनडीए में शामिल थी लेकिन आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल पैकेज की मांग को लेकर वह गठबंधन से बाहर हो गई थी.

इसके बाद से नायडू ने मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की मुहिम शुरू की है. नायडू का कहना है कि कोई दूसरा नेता मोदी से बेहतर होगा क्योंकि नरेन्द्र मोदी किसी की नहीं सुनते.

 

 

साभार : आजतक


Related posts

दिल्ली से हिमाचल प्रदेश तक कड़ाके की ठंड

Editor ThePoliticalIndia

एनकाउंटर के बाद पुलवामा में बवाल, 7 नागरिकों की मौत, 1 जवान शहीद

Editor ThePoliticalIndia

संसद के शीत सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, चुनाव नतीजे तय कर देंगे सदन का एजेंडा

Editor ThePoliticalIndia

पार्क में जुमे की नमाज पर कंपनियों को नोएडा पुलिस का नोटिस

Editor ThePoliticalIndia

अंतरिम बजट पर क्या है जनता की राय : PM मोदी पास हुए या फेल ? “द पॉलिटिकल इंडिया ” की ख़ास पेशकश

Editor ThePoliticalIndia

गणतंत्र दिवस: दिल्ली समेत पूरे देश में सुरक्षा के सख्त इंतजाम, राजधानी की सड़कों पर तोप तैनात

Editor ThePoliticalIndia