The Political India
face in focus अन्य प्रादेशिक राष्ट्रीय संसद

बेटे के बाद रामविलास पासवान के भाई ने भी दिया BJP को अल्टीमेटम.


राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद बीजेपी के लिए नया संकट पैदा हुआ है. बिहार में एनडीए के साथी LJP ने सीटों को लेकर आंखें तरेरना शुरू कर दिया है. चिराग पासवान के एक ट्वीट पर घमासान मचा हुआ है.

 

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे और लोकजनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान के एक ट्वीट से बिहार की राजनीति गर्मा गई है. चिराग ने बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी को अल्टीमेटम दिया, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.

एलजेपी ने दिया अल्टीमेटम

रामविलास पासवान के भाई और LJP नेता पशुपति पारस ने बीजेपी को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि इस तारीख तक बीजेपी को बिहार में लोकसभा सीटों पर फैसला कर लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि 2014 में हम एनडीए का हिस्सा बने थे, हम नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे. अब हम चाहते हैं कि हमें 2014 जितनी ही सात सीटें दी जाएं. उन्होंने कहा कि जब अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच सीट शेयरिंग की बात हुई थी तो हमसे चर्चा नहीं हुई थी.

पशुपति पारस ने कहा कि अमित शाह को एनडीए के सभी नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए. जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के जाने से एनडीए संकट में है.

बता दें कि राम विलास पासवान को ‘राजनीति का मौसम वैज्ञानिक’ कहा जाता है. ऐसे में अगर उनकी पार्टी की ओर से बीजेपी को इस प्रकार का अल्टीमेटम दिया जाता है तो एनडीए की चिंताओं को बढ़ा सकता है.

‘बिस्तर बंधने का समय आ गया है’

राजद नेता मनोज झा ने कहा कि उनके ट्वीट का निहितार्थ ये है कि पूरा सिंडिकेट सिर्फ ढाई लोगों का है. उन्होंने कहा कि इनकी तानाशाही से बीजेपी के लोग परेशान हैं, टीडीपी-शिवसेना को हम देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि एलजेपी को देखकर लगता है बयार बहुत तेज है और इनका बिस्तर बंधने का समय आ गया है.

‘मोदी का स्टाइल किसी को पसंद नहीं’

एनडीए से अलग हो चुकी टीडीपी ने भी इस पर बयान दिया है. टीडीपी के सांसद रवींद्र बाबू ने कहा कि शिवसेना ने भी इनको पहले अल्टीमेटम दिया था. एनडीए का कोई पार्टनर इनसे संतुष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी का स्टाइल किसी को पसंद नहीं है, उनकी पार्टी में कोई डेमोक्रेसी नहीं है. उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे एनडीए से सभी अलग हो जाएंगे.

‘ढह रही है एनडीए की इमारत’

टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर बोले कि पहले टीडीपी गई, फिर RLSP चली गई. अब अगर पासवान की पार्टी जा रही है, तो इसका मतलब है कि एनडीए की इमारत ढह रही है. लेकिन हम 2019 का चुनाव मुद्दों पर लड़ेंगे. इनमें नोटबंदी, जीएसटी और बेरोजगारी के मुद्दे अहम रहेंगे.

‘ये लोकतांत्रिक व्यवस्था’

राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने चिराग के ट्वीट पर कहा कि उन्होंने ऐसी कोई भावना नहीं दिखाई है जिसमें लगता हो कि वह एनडीए के प्रति चिंता जाहिर कर रहे हों. उन्होंने कहा कि इसे गलत नहीं मानना चाहिए, ये लोकतांत्रिक व्यवस्था है. इसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसा अधिनायकवाद नहीं दिखता है.

आपको बता दें कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए में पिछले काफी समय से मंथन चल रहा है. हाल ही में बीजेपी और जेडीयू में बराबर की सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला हुआ था. सीटों के मसले पर ही बीते दिनों उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था और उनकी पार्टी ने एनडीए को अलविदा कहा था.

साभार : आजतक


Related posts

J&K : ITBP का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, 1 जवान की मौत, 34 घायल

Editor ThePoliticalIndia

CBI के छापे से भड़कीं ममता, कहा- इमरजेंसी से बुरे हालात

Editor ThePoliticalIndia

बच्ची के साथ ड्यूटी करती महिला सिपाही की तस्वीर वायरल, खुश होकर डीजीपी ने किया ट्रांसफर

admin

दिल्ली: लगातार दूसरे दिन ब्लू लाइन पर मेट्रो सेवा हुई बाधित, हजारों लोग परेशान

Editor ThePoliticalIndia

आठ महीने पहले इनकम टैक्स ने दी थी नीरव मोदी घोटाले की चेतावनी, नहीं साझा की गई जांच रिपोर्ट

Editor ThePoliticalIndia

मजबूत हुई कांग्रेस, जनादेश ने खोले महागठबंधन के द्वार

Editor ThePoliticalIndia