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तीन तलाक बिल : व्हिप जारी होने के बावजूद गैरहाजिर रहे BJP के 30 सांसद.


 लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के चीफ व्हिप अनुराग ठाकुर ने बताया कि 30 सांसदों के तीन तलाक पर बहस के दौरान गैरहाजिर रहने की सूचना है.

 

तीन तलाक पर गुरुवार को लोकसभा में मैराथन बहस हुई. सुबह से चली बहस में शाम को तीन तलाक पर बिल पास हो गया. इस ऐतिहासिक मौके पर भी संसद में आधे से ज्यादा सांसद गैरहाजिर रहे. इसमें भी बीजेपी के व्हिप जारी होने के बावजूद 30 सांसद अनुपस्थित रहे. गुरुवार को लोकसभा में महज 256 सांसद ही मौजूद थे.

बताए बगैर गैरहाजिर सांसदों के बारे में देखेंगे: ठाकुर

लोकसभा में बीजेपी के चीफ व्हिप अनुराग ठाकुर ने बताया कि 30 सांसदों के तीन तलाक पर बहस के दौरान गैरहाजिर रहने की सूचना है. ठाकुर ने बताया कि कुछ सांसदों ने उन्हें पूर्व में सूचना दे दी थी. लेकिन कुछ बिना बताए अनुपस्थित रहे. उनके बारे में हम देखेंगे.

विपक्ष ने किया वॉकआउट

कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने तीन तलाक पर बिल का ये कहते हुए बहिष्कार कर दिया था कि इसे पहले सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई. कानून मंत्री ने इस मांग को खारिज कर दिया. इस पर कांग्रेस ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया. कांग्रेस के पीछे-पीछे तृणमूल कांग्रेस, अन्ना द्रमुक और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने भी वॉकआउट कर दिया.

बीजेपी की असली चुनौती राज्यसभा में

लोकसभा में तो बिल पास हो गया, लेकिन बीजेपी की असल चुनौती राज्यसभा में है. लोकसभा में भले ही कांग्रेस कमजोर पड़ गई, लेकिन राज्यसभा में वह अभी भी मजबूत स्थिति में है. लोकसभा में एनडीए की ताकत के सामने साझे विपक्ष की भी कोई बिसात नहीं थी.

एक-दूसरे के नजरिए को बताया छोटा

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास नहीं भेजना तो हम लोग इस बिल के विरोध में सदन का बहिष्कार करते हैं. तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान कई सवाल उठे. कई आरोप लगे और कई तकरार भी हुई. पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ के नेताओं ने जमकर एक दूसरे के नजरिए को छोटा बताया.

हजरत साहब बनाम हनुमान चालीसा

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बहस के दौरान कहा कि खलीफा के समय पर भी तलाक देने पर कोड़े लगते थे जिसका मतलब है कि उस समय भी इसे इस्लामिक ज्यूरिशप्रूडेंस में क्रिमिकल माना गया था. बहस के दौरान किसी सदस्य ने कहा कि हजरत साहब का नाम क्यों नहीं लेतीं, इस पर ईरानी ने कहा कि अगर हजरत साहब का नाम मेरे मुंह से सुनना चाहते हैं तो मैं भी आपके मुंह से हनुमान चालीसा सुना चाहूंगी.

ये है संख्याबल का गणित

राज्यसभा में एनडीए के सामने बड़ी मुश्किल है. राज्यसभा में कुल सीटें 245 हैं. इसमें बीजेपी के पास 73 सीटें हैं. वहीं अन्य सहयोगी दलों में जेडीयू 6, शिवसेना 3, अकाली दल 3 और आरपीआई की एक सीट है. मतलब एनडीए के पास हैं कुल 82 सीटें हैं. वहीं राज्य सभा में एनडीए के सामने विपक्ष ज्यादा ताकतवर है. यहां कांग्रेस 50, समाजवादी पार्टी 13, तृणमूल कांग्रेस 13, बीजू जनता दल 9, टीआरएस 6, सीपीएम 5, एनसीपी 4, बीएसपी 4, सीपीआई 2 और पीडीपी की दो सीटों के साथ कुल 118 सीटें हैं. मतलब 82 के मुकाबले 118 वोट.

37 सांसदों के वॉकआउट पर टिका दारोमदार

ऐसे में बीजेपी के सामने एक ही चारा है. कम से कम 37 सदस्य राज्यसभा में भी बिल का बहिष्कार कर दें. लेकिन क्या ये संभव है. और संभव हो भी तो क्या ये आसान है, क्योंकि समय कम है. 8 जनवरी तक सत्र है. इसी सत्र में बिल राज्यसभा से पास नहीं हुआ तो लोकसभा में पास हुआ बिल अपने आप खारिज हो जाएगा.

 

 

 

 

साभार : आजतक


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